वसीम रिजवी का जीवन परिचय( जीवनी), जन्म, परिवार, प्रारंभिक जीवन, सफलता , विवाद और घारवापसी, जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (Vasim Rizawi ‘s Biography, Birth, Family, Intial Life, Success, Controversies and Gharwapasi ( Proselytising) now Jitendra Narayan Singh Tyagi, Yati Narsimha Nand Giri)

जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी

कुछ वैसे साहसिक लोग जिसे विवादो से डर नही लगता।जो हमेशा सच के रास्ते पर चलते हैं।उन्हें किसी का प्रवाह नही रहता बस चल दिए तो चल दिए।उसी में से एक नाम है” वसीम रिजवी साहब का” जो पहले उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष हुआ करते थे।वे इस पद पर 10 सालो तक शिया मुस्लिम समुदाय का नेतृत्व किए लेकिन अब वे इस्लाम छोड़ चुके है। अभी उनकी घारवापसी हो चुकी है और बन चुके एक सनातनी हिंदू नाम है “जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी”। इनका जीवन का अधिकांश पल हमेशा विवादो में रहा है क्योंकि इनमें सत्य कहने की साहस है जो हर किसी में नहीं रहता क्योंकि सत्य कड़वी होती हैं इसे लोग और समाज आसानी से पचा नहीं सकता। फलत: समाज में विवाद होता है जो बहुत नुकसानदेह भी हो सकता है।

वसीम रिजवी अपने को सच्चे देशभक्त मानते है।वे शिया समुदाय के नेता रहते हुए सनातन संकृति के उत्थान के लिए अपने विचार खुलकर रखे।उन्हें मोहम्मद से नही बनती है इसलिए वे मोहम्मद से संबंधित बाते करते रहते हैं हालांकि कोई उनसे बातचीत के लिए तैयार नहीं होता।सुप्रीम कोर्ट भी उनके अनुरोध को रिजेक्ट कर दिया था।क्या सही है, क्या गलत ये तो कुरान के जानने वाले ही बता सकते हैं लेकिन एक बात है कि खुलकर बात क्यों नहीं करते जिस प्रकार “वसीम रिजवी” साहब करते है।

मुख्य बिंदु:–

  • पूर्व नाम( Pre Name)। :–। वसीम रिजवी
  • वर्तमान नाम(Current Name):– जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी।
  • जन्म(Birth)। :– लखनऊ (UP)
  • पिता(Father)। :–। रेलवे कर्मचारी(C Class)
  • शिक्षा(Education)। :– ग्रेजुएट
  • सफलता(Success)। :– एक राजनेता, फिल्मकार और अच्छे वक्ता और UP शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष (10सालो तक)।
  • विवाद(Controversies)। :– कुरान और मुहम्मद को लेकर मतांतरण।

कौन है वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (Who is Wasim Rizawi or Jitendra Narayan Singh Tyagi)

वसीम रिजवी

वसीम रिजवी वास्तव में इस्लाम से संबंध रखते थे।वे एक शिया मुस्लिम थे।वे अपने जीवन में बहुत कष्ट झेले क्योंकि उनके पिताजी का इंतकाल उस समय हो गया था जब वे वर्ग 06 में पढ़ते थे।वे भाई – बहनों में सबसे बड़े थे इसलिए परिवार की सारी जिम्मेदार उनके और मां के ऊपर थी।वे किसी प्रकार 12 कक्षा तक पढ़ाई किए।वे नैनीताल के एक कॉलेज में अपना नामांकन भी करवाए परंतु घर की स्तिथि खराब रहने के कारण उन्हें सऊदी अरब जाना पड़ा जहां वे एक होटल में सफाई का काम करने लगे।कालांतर में जापान और अमेरिका के कई कंपनियों में निजी तौर पर काम भी किए।इस काम से उनके परिवार को मजबूती मिली तो वे वापस घर आ गए और राजनीति में भाग लिए।वे नगर निगम का चुनाव जीते।उसके बाद शिया सेंटर वक्फ बोर्ड का सदस्य बने बाद में उनको बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया गया जिस पद पर वे लगातार 10 साल तक रहे।वे इस्लाम का अध्ययन किए।सभी धार्मिक पुस्तकों का ज्ञान हासिल किए और उसके आधार पर वे कुरान और मुहम्मद को लेकर कुछ बाते दुनिया वालो के सामने रखी पर उनकी ये बाते समाज को कुबूल नही हुआ और इस पर विवाद हो गया।वास्तव में “वसीम रिजवी” साहब आतंकवाद के लिए ‘ कुरान और मोहम्मद ‘ को जिम्मेदार ठहराते हैं।वे कुरान से 26 आयते हटाने की मांग सुप्रीम कोर्ट से कर चुके है पर सुप्रीम कोर्ट उनके इस दलील को रिजेक्ट कर दिया।इसी विवाद के कारण अन्य मुस्लिमो और मौलवी से अनबन जारी रही।जिससे परेशान होकर वे इस्लाम धर्म को छोड़ दिए और हिंदू बन गए।उन्हें गाजियाबाद के डसना मंदिर के पुरोहित श्री “यति नरसिम्हा नंद सरस्वती” के द्वारा विधिवत रूप से हिंदू धर्म में स्वीकार कर लिया गया और वे “ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी” के नाम से विख्यात हो गए।।

विवाद (Controvercises):–

वे अपने स्वतंत्र विचारो के कारण चर्चा में बने रहते है। मुल्लो को इनकी बोली बहुत तीखी लगती है लेकिन कोई मुल्लो इनसे बहस नही करना चाहता।वे इनके खिलाफ फतवा जारी करते रहते है जान से मारने की बात करते रहते है जबकि ” वसीम रिजवी साहब” सिर्फ बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते हैं।उनके कुछ स्वतंत्र विचार है जो विवादित हो गए आइए देखते है:–

1. देश की नौ विवादित मस्जिदों को हिन्दुओं को सौंप दें मुसलमान।

2. हिन्दुस्तान की धरती पर कलंक की तरह है बाबरी ढांचा।

3. रिजवी ने कहा कि चांद तारे वाला हरा झंडा इस्लाम का धार्मिक झंडा नहीं है। ये पाकिस्तान की राजनैतिक पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग से मिलता जुलता है। इस झंडे को फहराने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। रिजवी ने यहां तक कह दिया कि पैगम्बर मोहम्मद साहब अपने कारवां में सफेद या काले रंग का झंडा प्रयोग करते थे।

4. इस्लामी मदरसों को बंद कर देना चाहिए क्योंकि ये आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। ये भारतीय मुसलमानों के लिए अच्छे नहीं हैं। ये मुसलमान नौजवानों के दिमाग में ज़हर घोलते हैं। बहुत मदरसों में आतंकी ट्रेनिंग दी जाती है। यहां आधुनिक शिक्षा नहीं दी जाती। मजहबी कट्टरता सिखाई जाती है।

वसीम रिजवी

5. जानवरों की तरह बच्चे पैदा करने से देश को नुकसान – जनवरी २०२० में जनसंख्या नियंत्रण पर संभावित कानून का समर्थन करते हुए वसीम रिजवी ने कहा, कुछ लोग मानते हैं कि बच्चों का जन्म प्राकृतिक है और इससे कोई छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। लेकिन कई-कई बच्चों को जन्म देना समाज और देश के लिए काफी हानिकारक है। अगर देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाया जाता है तो यह बेतहाशा बढ़ती आबादी पर काबू पाने के लिए बेहतर होगा।

6. कुरान की 26 आयतों को हटाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका दी – मार्च २०२१ में वसीम रिजवी ने कुरान की 26 आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की है। अपनी याचिका में वसीम रिजवी ने कहा है कि कुरान की इन आयतों से आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है। वसीम रिजवी का कहना है कि मदरसों में बच्चों को कुरान की इन आयतों को पढ़ाया जा रहा है, जिससे उनका ज़हन कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहा है। 

धन्यवाद।।

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